गर्मियों में स्वस्थ रहने के आसान तरीके

गर्मियों में स्वस्थ रहने के आसान तरीके

गर्मियों के मौसम में स्वास्थ सम्बन्धी दिक्कतें उत्पन हो जाती हैं। पसीना, डिहाइड्रेशन, ऊर्जा में कमी और शरीर का सुस्त होना कुछ आम लक्षण हैं। लेकिन अगर आप अपने स्वास्थ पे थोड़ा ध्यान देंगे और अपने खान-पीन में कुछ बदलाव लाते हैं तो इन् सब दिक्कतों से छुटकारा पाया जा सकता है। आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी तरीके जिनसे आप गर्मियों में भी रह सकते हैं चुस्त दुरुस्त और स्वस्थ।

डाइट में बदलाव

  • खूब पानी पिएं
    गर्मी के मौसम में पानी खूब पीना चाहिए क्योंकि हमारे शरीर में हर घंटे पानी की कमी हो जाती है। पानी शरीर को हाइड्रेट करता है। गर्मी के मौसम में हर दिन 8 से 10 गिलास (कम से कम 3 लीटर) पानी पीना चाहिए।
  • मौसम के अनुसार फलों के रस का सेवन करे
    गर्मियों के मौसम में फलों के रस का सेवन करना बहुत ही लाभदायक होता है। अनार, अंगूर, मुसम्मी, अनानास, तरबूज जैसे फलों में पोषक पदार्थ पाए जाते हैं। इसके अलावा गाजर, चुकंदर, लौकी और दूसरी सब्जियों का जूस भी पिया जा सकता है।
  • सलाद खाना न भूलें
    गर्मियों में सलाद का सेवन करना चाहिए। खीरा, ककड़ी, गाजर, प्याज, नींबू का सेवन करना स्वास्थ्यवर्धक होता है। सोयाबीन, अंकुरित, अनाज, पनीर, लस्सी का सेवन करना भी काफी स्वास्थ्यवर्धक होता है।
  • अधिक मसाले वाले भोजन से बचे
    गर्मी के मौसम में वैसे ही शरीर में काफी गर्मी होती है। यदि आप अधिक मसाले वाला भोजन करेंगे तो आपके शरीर में और गर्मी बढ़ेगी। इसलिए हल्के तेल मसाले वाला भोजन करना चाहिए।
  • खाने का रूटीन बनाएं
    सुबह उठने के एक-डेढ घंटे के भीतर कुछ न कुछ अवश्य खा लें। देर तक बिना खाए रहने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। थोडी-थोडी देर में खाने से ओवरईटिंग से भी बचा जा सकता है। बेहतर होगा कि दिन की शुरुआत हलके गुनगुने पानी में नीबू और शहद के साथ करें।

Exercise या व्यायाम

  • खेले अपना मनपसंद खेल
    गर्मियों के मौसम में आप अपने मनपसंद खेल जैसे फुटबॉल, टेनिस, क्रिकेट और दूसरे खेल, खेल सकते हैं। इससे बाहर आपको हवा भी मिल जाएगी और आपके शरीर का व्यायाम भी हो जाएगा। गर्मी के मौसम में साइकिलिंग करना एक अच्छा विकल्प है।
  • सुबह शाम टहलें
    गर्मी के मौसम में सुबह-सुबह टहलने के लिए जाना चाहिए। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है। ठंडी हवा लगती है और थोड़ा व्यायाम भी हो जाता है। यदि आप योग को इसमें शामिल करें तो बात बन जाये। योगा करने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहता है। गर्मी के मौसम में सुबह जल्दी उठकर योगा करना भी बहुत लाभकारी होता है। पर ध्यान रहे की गर्मियों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए सुबह जल्दी और देर शाम की वॉक करना बेहतर है।

कुछ टिप्स जो गर्मी में बच्चे-बूढ़े सबको ध्यान रखने चाहिए

  1. फ्रिज का पानी पीने से बचे। घर में मिटटी का घड़ा लाएं और उसका पानी पिएं।
  2. मीठा कम से कम खाएं क्यूंकि अधिक मात्रा में मीठा भी डिहाइड्रेशन का कारन बनता है।
  3. जंक फ़ूड से दूर रहे और घर का बना ताज़ा और पौष्टिक भोजन खाएं।

इन् सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए गर्मी के मौसम को खूब एन्जॉय करें।

किसी भी रोग सम्बन्धी सलाह के लिए संपर्क करें : श्री आदित्य आयुर्वेदा, सानीपुर रोड, सरहिंद।

बदहजमी के आयुर्वेदिक घरेलू इलाज

बदहजमी के आयुर्वेदिक घरेलू इलाज

बदहज़मी या अपच एक ऐसी स्तिथि है जो न केवल इंसान के स्वास्थय को खराब करती है बल्कि साथ में बहुत सारी बीमारियों को भी आमंत्रण देती है। आज कल इंसान अपने जीवन की भाग दौड़ में इतना व्यस्त है की अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ करना एक आम चलन हो गया है। बदहज़मी, जिसे आप खान पीन में हुई अनदेखी समझ जाते हैं, अपने साथ और बहुत चीज़ें लेकर आती है। यह संकेत है की आपको अब अपनी सेहत पे भरपूर ध्यान देने की ज़रूरत है। जल्दबाज़ी में खाना, समय पर न खाना, बाहर के खाने का सेवन ज़ादा करना या खाने को अधिक मसालेदार बनाना आपको बदहज़मी कर सकता है। आयुर्वेद में ऐसे बहुत से नुस्खे हैं जिनसे आप बदहज़मी से बच सकते है। आज हम आपको उन् सब नुस्खों से अवगत करवाएंगे।

बदहजमी के आयुर्वेदिक घरेलू इलाज

1. दो छोटा चम्मच अदरक और एक निम्बू का रस एक गिलास में मिलाएं। उसमें अपनी आवश्यकता अनुसार सेंधा नमक डाले और इस मिश्रण को पीलें। यह पेट की बीमारी और बदहजमी के लिए एक अच्छा उपाय है|

2. यदि आप गैस की समस्या से परेशान है तो उबला हुआ लोंग का पानी पिए इसे आपकी गैस की समस्या में राहत मिलेगी।

3. यदि आपको भोजन करने के बाद गैस या बदहज़मी की शिकायत होती है तो अजवाइन का पानी उबाल कर पिएं। आपको बहुत आराम मिलेगा।

4. यदि पेट फूलने या भरा भरा होने की समस्या है तो सौफ का प्रयोग लाभदायक है। सौफ के दाने चबा भी सकते है, चाय बनाकर पी भी सकते है या फिर काढ़ा बनाकर भी प्रयोग कर सकते है|

5. दिन में 2 से 3 बार हर्बल चाय का प्रयोग करे पाचनक्रिया अच्छी होगी| आप वैद शिव कुमार जी द्वारा बनाई 100% आर्गेनिक चाय का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बदहज़मी में बहुत कारगर साबित होती है।

6. भारतीय घरो में तुलसी के बारे में तो सब जानते हैं। उसकी चाय भी दिन में आवश्यता अनुसार प्रयोग कर सकते है जो लगभग सभी रोगों से छुटकारा दिलाने में मददगार है।

क्या न करें

  • बहुत ज़ादा मात्रा में भोजन ना खाएं। यदि ज़रूरत हो तो आप थोड़े थोड़े समय में थोड़ा थोड़ा भोजन खा सकते हैं
  • मानसिक रूप से तनाव मुक्त रहें, कोशिश करें के क्रोध न करें।
  • खाने को जल्दबाज़ी में ना खाएं ।
  • तले हुए और मसालेदार पदार्थो का खाने में प्रयोग ना करें।

क्या करें

  • खाना खाने के बाद कुछ कदम चलें।
  • नियमित रूप से सुबह शाम व्यायाम करे और अपनी दिनचर्या बनाए।
  • कोशिश करें हमेशा घर का बना साधारण भोजन खाएं।
  • दिन में कम से कम एक कप हर्बल चाय का सेवन ज़रूर करें।

किसी भी रोग सम्बन्धी सलाह के लिए संपर्क करें : श्री आदित्य आयुर्वेदा, सानीपुर रोड, सरहिंद।